Lactose Intolerance:-
यह एक आम पाचन समस्या है, जिसमें शरीर लैक्टोज (दूध और डेयरी उत्पादो में पाई जाने वाली एक प्रकार की शक्कर ) को सही तरीके से पचा नहीं पाता । ऐसा तब होता है जब हमारी छोटी आंत मे लैक्टेज एंजाइम (जो लैक्टोज को तोड़ने के लिए जरुरी होता है) की कमी हो जाती है ।
जब लैक्टोज पच नही पाता, तो वह बडी आतं (कोलन) में पहुंच जाता है, जहां बैक्टीरिया उसे फर्मेंट करते है । इससे गैस बनती है और कई लक्षण दिखाई देते है ।
आंतो के स्वास्थ्य पर प्रभाव :-
- पेट फूलना
- गैस बनना
- पेट दर्द
- दस्त
- मितली (उल्टी जैसा मन होना)
यदि लैक्टोज असहिष्णुता के कारण व्यक्ति डेयरी उत्पादों से परहेज करने लगता है, तो इससे कैल्शियम की कमी और विटामिन डी की कमी भी हो सकती है ।
लैक्टोज असहिष्णुता और दूध एलर्जी में अंतर :-
लैक्टोज असहिष्णुता और दूध की एलर्जी एक जैसी नही होती ।
- दूध एलर्जी मे दूध के प्रोटीन के खिलाफ शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया होती है।
- जबकि लैक्टोज असहिष्णुता एक पाचन संबंधी समस्या है।
लैक्टोज असहिष्णुत के सामान्य कारण:-
- उम्र बढ़ने के साथ लैक्टेज एंजाइम का काम होना
- आंतों का संक्रमण या दस्त के बाद
- सीलिएक रोग, IBS जैसी आंतों की बीमारियां
- कुछ सर्जरी या लंबे समय तक एंटीबायोटिक का उपयोग
कौन-कौन से खाद्य पदार्थ समस्या बढ़ा सकते हैं:-
- दूध (गाय /भैंस का)
- आइसक्रीम
- पनीर (विशेषकर सॉफ्ट चीज)
- क्रीम, कस्टर्ड
- मिल्क-बेस्ड मिठाइयां
कौन-से विकल्प सुरक्षित हो सकते हैं:-
- दही और छाछ (अक्सर सहन हो जाते हैं)
- लैक्टोज-फ्री दूध
- सोया दूध, बादाम दूध, नारियल दूध
- हार्ड चीज (सीमित मात्रा में)
प्रबंधन :-
- प्रीबायोटिक्स और प्रोबायोटिक्स (जैसे Lactobacillus acidophilus) लैक्टोज के पाचन में मदद कर सकते है
- कुछ मामलों में धीरे-धीरे लैक्टोज की मात्रा बढाने से शरीर अनुकूलन (adjust) कर लेता है।
- कुछ लोगों में लैक्टोज असहिष्णुता दूसरी बीमारियों (जैसे सीलिएक रोग) के कारण होती है, ऐसे में मूल बीमारी का इलाज करना जरुरी है।
- भोजन के साथ लैक्टेज एंजाइम टैबलेट लेने से लैक्टोज पचाने में मदद मिलती है।
- लैक्टोज युक्त खाघ पदार्थों का सेवन सीमित करें।



